E-Commerce Industry: कर लें तैयारी, अब आपकी है बारी; लाखों की संख्या में आने जा रही है वैकेंसी

 E-Commerce Industry- India TV Paisa

Photo:FILE E-Commerce Industry

E-Commerce Industry: आगामी त्योहारी मौसम में ग्राहकों को बेहतर खरीदारी अनुभव देने की तैयारी में लगे ई-कॉमर्स उद्योग में साल 2023 की दूसरी छमाही में सात लाख अस्थायी रोजगार पैदा होने की संभावना है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। अपने ग्राहकों के लिए भर्तियां करने वाली कंपनी टीमलीज सर्विसेज ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया। रिपोर्ट के अनुसार, देश की ई-कॉमर्स कंपनियां त्योहारों के आगामी मौसम को देखते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहने के लिए अस्थायी कर्मचारियों की भर्तियां कर रही हैं। इससे दूसरी छमाही में लगभग सात लाख अस्थायी नौकरियां पैदा होने की संभावना है। 

25 प्रतिशत वृद्धि की संभावना

कंपनी ने कहा कि इस साल त्योहारी सीजन में भर्तियों में पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। त्योहारी मौसम के लिए भर्तियों का सिलसिला जुलाई से शुरू हो चुका है। अस्थायी कर्मियों की मांग त्योहारी सीजन में लगातार बढ़ती रही है। ऐसा सिर्फ बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगरों में ही नहीं बल्कि वड़ोदरा, पुणे और कोयम्बटूर जैसे अपेक्षाकृत छोटे शहरों में भी देखा जाता है। टीमलीज सर्विसेज के उपाध्यक्ष एवं कारोबार प्रमुख बालसुब्रमण्यन ए ने कहा, "पिछले पांच वर्षों में हमने अस्थायी कामगारों के लिए मांग में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की बढ़त देखी है। यह सिलसिला अगले दो-तीन साल तक बने रहने की संभावना है।"

क्या कहती है ये रिपोर्ट?

द जॉब सर्च प्रोसेस: ए लुक फ्रॉम द इनसाइड आउट’ शीर्षक वाले एक सर्वेक्षण के अनुसार, दो-तिहाई लोगों ने मिलीजुली व्यवस्था या रिमोट वर्किंग को प्राथमिकता दी है। इनमें से 71 प्रतिशत लोगो का मानना है कि उन्होंने नौकरी खोजते समय घर से काम करने की आजादी, काम के घंटों में लचीलापन और आवश्यकतानुसार ब्रेक लेने की सुविधा को प्राथमिकता दी। रोजगार वेबसाइट इनडीड इंडिया के इस सर्वेक्षण में 561 नियोक्ताओं और 1,249 नौकरी चाहने वालों सहित कुल 1,810 व्यक्तियों से बात की गई। सर्वेक्षण में 63 प्रतिशत नौकरी चाहने वालों ने मिलीजुली व्यवस्था यानी घर और कार्यालय दोनों जगह से काम करने की सुविधा को प्राथमिकता दी, जबकि 51 प्रतिशत कंपनियों ने भी अपने संचालन में इस तरह के लचीलेपन की पेशकश की।

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