
Highlights
- जापान के लोगों ने कोरोना महामारी के बाद से शराब पीना कम कर दिया है
- सरकार के राजस्व पर इसका असर देखने को मिल रहा है
- जापान में 29 फीसदी आबादी 65 साल से ज्यादा उम्र की है
Campaign for Drinkers: शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। ये बात जानते हुए जापान की सरकार लोगों को शराब पीने की अपील कर रही है। अगर आप शराब के शौकिन है तो ये देश आपके लिए एक परफेक्ट देश हो सकता है। जापान सरकार के तरफ से एक कैंपेन भी शुरु किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों को शराब पीने के प्रति जागरूक करना है।
शराब की खपत बढ़ाने के लिए आइडियाज मांगे गए
Sake Viva कैंपेन जापान सरकार की ओर से शुरु किया गया है। इसके तहत खासकर 20 से 39 साल के युवा लोगों को शराब के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दरअसल सरकार इस कैपेंन के जरिए शराब की बिक्री को बढ़ाना चाहती है। अगर ऐसा होता है तो सरकारी खजाने में टैक्स से अधिक रकम आएंगे। जापान की सरकार ने इस कैपेंन के तहत एक प्रतियोगिता भी शुरु की है, जिसमें शराब की खपत बढ़ाने के लिए आइडियाज मांगे गए हैं। विनर को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
क्यों शुरु हुआ ये कैंपेन?
जापान के लोगों ने कोरोना महामारी के बाद से शराब पीना कम कर दिया है, जिनकी उम्र ज्यादा है वो शराब छोड़ रहे हैं। जापान में वर्तमान पीढ़ी अपने माता-पिता के मुकाबले कम शराब पी रही है। इससे शराब से मिलने वाला टैक्स घट गया है और सरकार के राजस्व पर इसका असर देखने को मिल रहा है। जापान सरकार को भविष्य को लेकर चिंताएं सताने लगी हैं। सरकार ने अपने यहां के नागरिकों को शराब पिलाने के लिए बिजनेस आइडिया भी मांगे है।
इस कैंपन का हो रहा विरोध
जापान के लोग इस कैंपन का विरोध कर रहे हैं। और इसे सेहत के लिए खराब बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि जापान में शराब की मार्केट दिनों-दिन लगातार कम होती जा रही है। लोग शराब को छोड़ रहे हैं। कोरोना के बाद शराब की खपत में कमी आई है। इसलिए युवाओं के बीच इसे प्रमोट किया जा रहा है। एक तरफ जहां पूरी दुनिया मंदी के जाल में फंसती जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ जापान के खजाने में आती कमी वहां की सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में 29 फीसदी आबादी 65 साल से ज्यादा उम्र की है।

